हाइड्रोसील के कारण और लक्षण कैसे बनता है
Normal Abdominal Cavity
सामान्य (Normal) abdominal cavity शरीर का वह हिस्सा है जो छाती (thoracic cavity) और श्रोणि (pelvic cavity) के बीच स्थित होता है। इसमें हमारे मुख्य आंतरिक अंग जैसे पेट (stomach), छोटी और बड़ी आंत, यकृत (liver), पित्ताशय (gallbladder), प्लीहा (spleen), अग्न्याशय (pancreas), और गुर्दे (kidneys) शामिल होते हैं। यह गुहा एक पतली झिल्ली पेरिटोनियम (peritoneum) से घिरी होती है, जो अंगों को सहारा देती है और उनके बीच घर्षण कम करने के लिए थोड़ी मात्रा में द्रव (peritoneal fluid) स्रावित करती है। सामान्य स्थिति में इसमें अतिरिक्त द्रव नहीं होता और सभी अंग अपने स्थान पर सही ढंग से कार्य करते हैं। अगर किसी कारण से इसमें अधिक द्रव जमा हो जाए (जैसे संक्रमण, लिवर रोग या चोट), तो उसे ascites कहा जाता है। स्वस्थ व्यक्ति में abdominal cavity संतुलित और साफ रहती है, जिससे पाचन तंत्र और अन्य अंग सुचारू रूप से काम करते हैं
Non Communicating Hydrocele
नॉन कम्युनिकेटिंग हाइड्रोसील एक ऐसी स्थिति है जिसमें अंडकोश (scrotum) में पानी भर जाता है, लेकिन पेट से उसका कोई संबंध नहीं होता। यह तब होता है जब भ्रूण (fetal) अवस्था में बनने वाली झिल्ली (sac) बंद तो हो जाती है लेकिन उसमें मौजूद द्रव (fluid) अवशोषित नहीं हो पाता। इसके कारण अंडकोश में बिना दर्द की सूजन दिखाई देती है, जो आकार में स्थिर रहती है और गतिविधि या स्थिति बदलने पर नहीं घटती-बढ़ती। यह स्थिति सामान्यतः हानिरहित होती है और बच्चों में अक्सर अपने आप ठीक हो जाती है। वयस्कों में अगर सूजन बढ़ जाए या भारीपन महसूस हो तो उपचार की आवश्यकता हो सकती है। जांच के लिए डॉक्टर शारीरिक परीक्षण या अल्ट्रासाउंड कर सकते हैं ताकि किसी अन्य कारण से हुई सूजन को अलग पहचाना जा सके।
Communicating Hydrocele
कम्युनिकेटिंग हाइड्रोसील एक ऐसी स्थिति है जिसमें अंडकोश और पेट के बीच का मार्ग (नलिका) खुला रह जाता है, जिससे द्रव (fluid) दोनों के बीच आता-जाता रहता है। इस कारण अंडकोश की सूजन का आकार दिनभर में बदलता रहता है—खड़े रहने या चलने पर सूजन बढ़ सकती है और लेटने पर कम हो जाती है। यह स्थिति आमतौर पर शिशुओं में देखी जाती है, जब जन्म के बाद पेट और अंडकोश को जोड़ने वाली नली (processus vaginalis) पूरी तरह बंद नहीं होती। कई बार यह हर्निया से भी जुड़ी होती है, जहाँ आंत का कुछ भाग उसी मार्ग से नीचे खिसक सकता है। कम्युनिकेटिंग हाइड्रोसील में दर्द नहीं होता, लेकिन अंडकोश में नरम सूजन दिखाई देती है। इसका पता डॉक्टर शारीरिक जांच या अल्ट्रासाउंड से लगाते हैं। बच्चों में यह अक्सर अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन अगर लंबे समय तक बना रहे या हर्निया के साथ हो तो सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।
Hydrocele Of The Cord
Hydrocele of the cord एक ऐसी स्थिति है जिसमें द्रव (fluid) अंडकोश तक पहुँचने से पहले शुक्राणु वाहिनी (spermatic cord) के आसपास जमा हो जाता है। यह द्रव उसी झिल्ली (processus vaginalis) में फँस जाता है जो भ्रूण अवस्था में पेट से अंडकोश तक जाती है, लेकिन इसका सिरा बंद नहीं हो पाता। इसके कारण अंडकोश के ऊपर, यानी ग्रोइन (groin) क्षेत्र में एक मुलायम, बिना दर्द की सूजन महसूस होती है। यह सूजन आमतौर पर गोल या लम्बी होती है और उसका आकार नहीं बदलता। Hydrocele of the cord बच्चों में ज़्यादा देखा जाता है, लेकिन कभी-कभी वयस्कों में भी पाया जा सकता है। इसमें दर्द या लालिमा नहीं होती, लेकिन अगर सूजन बड़ी हो जाए या असुविधा दे, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है। निदान के लिए शारीरिक परीक्षण या अल्ट्रासाउंड किया जाता है, और कुछ मामलों में सर्जरी द्वारा इसका इलाज किया जाता है।
